02 नवम्बर, 2019

दिव्य उपदेश :-
श्रीलगुरुदेव भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज जी।
-श्रीराधिका जी और उनके विस्तार गोपियों (कृष्ण के आश्रय-विग्रह) के आनुगत्य के बिना विषय-विग्रह श्रीकृष्ण के माधुर्य का आस्वादन नहीं हो सकता। लक्ष्मी देवी जी ने गोपियों का आनुगत्य नहीं किया और ऐश्वर्य भाव लेकर तपस्या की, इसलिये बार-बार उन्हें भगवान् नारायण का ही संग मिला, श्रीकृष्ण संग प्राप्त नहीं हो सका। इसके विपरीत श्रुतियों ने गोपियों का आनुगत्य करके, राग मार्ग से भगवान् कृष्ण की सेवा प्राप्त की थी।