03 नवम्बर, 2019

चाहे आप प्रवृति मार्ग में हों या निवृति मार्ग में आपको भजन तो प्रारम्भ करना ही होगा। यह एक लम्बी यात्रा है। इसमें हम अकस्मात् कुछ प्राप्त नहीं कर सकेंगे क्योंकि बद्धजीव के लिए शुद्ध-भक्ति, शुद्ध-हरिनाम करना कठिन होता है परन्तु यदि हममें भक्ति करने की सच्ची लगन हो तथा यदि हम ठीक से हरिनाम करें तो श्रीकृष्ण-भकत आपकी सहायता करने के लिए आ जाएँगे। उनकी कृपा से तुम शुद्ध-भक्त्ति को प्राप्त करने में सही तरीकों से अपराध रहित हरिनाम करने में सफल हो जाओगे।