Today's Updesh

जीव, धर्म के लिए सूर्य, अर्थ के लिए गणेश, काम के लिए शक्ति एवं मोक्ष हेतु शिव की आराधना करता है। परन्तु वास्तव में यह पूजा नहीं है । बल्कि अपने आराध्य को अपनी कामनाओं की पूर्ति करने वाला सेवक मानना हो जाता है। सेवा किसे कहते हैं? यह जानना अत्यन्त आवश्यक है। केवल अपने आराध्य को आनन्द प्रदान करने का नाम ही सेवा है। श्रीहरि ही सबके मूल हैं। हम सभी उनके दास हैं। उनकी सेवा करने से ही सभी की सेवा करना हो जाता है।

प्रभुपाद

वामनावतार

दशावतारों में पांचवें अवतार हैं श्री वामनावतार। लीलावतार असंख्य हैं। उनमें से मुख्य 25 लीलावतारों में से श्री वामनदेव जी का 18वां अवतार है। पूर्व वर्णित मत्स्यावतार वर्णन के प्रसंग में सभी लीलावतारों का उल्लेख हुआ है। द्वारका में वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न व अनिरुद्ध श्री कृष्ण के आदि चतुर्व्यूह हैं। ये श्री कृष्ण के प्राभव विलास हैं। श्री कृष्ण की ऐश्वर्य मूर्ति नारायण, जो कि वैकुण्ठ में स्थित है, उनका भी चतुर्व्यूह हैं, इसे द्वितीय चतुर्व्यूह कहा जाता है। द्वितीय चतुर्व्यूह में प्रत्येक के तीन-तीन रूप हैं। उनमें से प्रद्युम्न की त्रिविक्रम, वामन और श्रीधर तीन मूर्तियां हैिं। द्वितीय चतुर्व्यूह के तीन-तीन करके 12 रूप हैं, जो कि 12 मास के 12 अधिदेवता हैं।

आज की तिथि - September 27, 2026

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अक्षय तृतीया

स्नान यात्रा के उपलक्ष में

किसकी सेवा सर्वश्रेष्ठ है ?

गृहस्थभक्तों को सदा सर्वदा

श्रील गदाधर पण्डित गोस्वामी की महिमा

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श्रीरामानुजाचार्य

श्रील जीव गोस्वामी

श्रीधर पण्डित

श्रीमुकुन्द दत्त ठाकुर

गंगा माता गोस्वामीनी

श्रीबलदेव विद्याभूषण

श्रील भक्त्यालोक परमहंस महाराज

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गोविंद-भाष्य का लेखन

Message of Srila Prabhupad

भगवान श्रीरामचन्द्र

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बद्धजीव

अभ्यास-योग

बन्धन व शोक

श्रीकृष्ण के प्रति अहैतुकी अनन्य भक्ति

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जो भक्ति करता है वही श्रेष्ठ है

गुरु जी की कृपा दृष्टि सदैव हम पर है

उनकी अपूर्व ADJUSTMENT

भक्तों की भावना ही उनके लिए सर्वोपरि है

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Upcoming Events in Math

24 सितम्बर | गुरुवार |
श्री श्रील सच्चिदानन्द भक्ति विनोद ठाकुर जी का आविर्भाव।


25 सितम्बर | शुक्रवार |
श्रीअनन्त चतुर्दशी। श्रीहरिदास ठाकुर जी का तिरोभाव।


26 सितम्बर | शनिवार |
श्रीविश्वरूप महोत्सव। पूर्णिमा।


6 अक्तूबर | मंगलवार |
इन्दिरा एकादशी उपवास।


7 अक्तूबर | बुधवार |
पारण (राजस्थान में) प्रातः 10.27 से पहले। चण्डीगढ़: 10.12