
Today's Updesh
हमें अपने कर्मों के कारण मिलने वाले कष्टों के लिए दूसरों को दोष नहीं देना चाहिए। अन्य लोग निमित्त हो सकते हैं, कारण नहीं।
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का संक्षिप्त परिचय
‘ऊदाहरण उपदेश से श्रेष्ठ है’ – यही आपकी प्रचार-शैली थी। जो कोई भी आपके श्रेष्ठ व्यक्तित्व के संपर्क में आया उसने आपकी जीवों के प्रति करुणा, पूर्ण वैराग्य, पूर्ण सहिष्णुता, गहन आध्यात्मिक आनंद, श्री गुरु में अनन्य विश्वास और श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रति पूर्ण भक्ति एवं समर्पण के भाव को स्पष्ट रूप से देखा। आप शास्त्रों के सिद्धांतों से बिंदुमात्र भी विचलित न होने के लिए जाने जाते हैं। आपके सभी के प्रति अनुरागशील स्वभाव और गुरु-वैष्णवों की सेवा के प्रति समर्पण जैसे गुणों के लिए आप कई गौड़ीय संस्थाओं के आचार्यों के लिए आदर्श हैं।
आज की तिथि - April 1, 2026
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Gaudiya kanthahara
श्रीमद्भागवतम
११-५-४१
देवर्षिभूताप्तनृणां पितृणां न किंकरो नायमृणी च राजन् ।
सर्वात्मना यः शरणं शरण्यं गतो मुकुन्दं परिहृत्य कर्तम् ।।
हे राजन! जिसने सारे भौतिक कार्यों को त्याग कर मुकुन्द के चरणकमलों में पूरी तरह शरण ले रखी है, जो सबों को शरण देता है, वह देवताओं, ऋषियों, सामान्य जीवों, सम्बन्धियों, मित्रों, मनुष्यों या मृत पितरों का ऋणी नहीं रहता। चूँकि इस सभी श्रेणियों के जीव भगवान् के भिन्नांश हैं, अतः जिसने भगवान् की सेवा में अपने को अर्पित कर दिया है, उसे ऐसे व्यक्तियों की अलग से सेवा करने की आवश्यकता नहीं रह जाती।
अप्रैल 13, 2026
वरुथिनी एकादशी का व्रत।
अप्रैल 14, 2026
द्वादशी , प्रातः 9:33 से पहले पारण।