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The Birth of Lord Krishna

In the Bhagavad-gita the Lord says that His appearance, birth and activities are all transcendental and that one who understands them factually becomes immediately eligible to be transferred to the spiritual world. The Lord’s appearance or birth is not like that of an ordinary man, who is forced to accept a material body according to … Continue reading The Birth of Lord Krishna


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Jhulan-yatra

Traditionally, in the Jhulan-yatra (swinging festival), conditioned souls (ordinary aspirants) are not entitled to enter. Yet, our Guruvarga has introduced this. This is a type of worship of Supreme Lord.


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साधुसंग से भगवद्-तत्त्व की उपलब्धि

[कोलकाता स्थित मठ में श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित धर्म सभा में श्रील गुरुदेव जी की उपदेशवाणी का सारमर्म] श्रीकृष्ण की आराधना का वैशिष्ट्य समझने के लिये अच्छी तरह से ये जानना आवश्यक है कि श्रीकृष्ण कौन हैं, उनका स्वरूप क्या है? उनके व्यक्तित्व के ऊपर उनकी आराधना का वैशिष्ट्य निर्भर करता है। ‘कृष्ण’ शब्द … Continue reading साधुसंग से भगवद्-तत्त्व की उपलब्धि


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Eve of Janmastami

Our Most Revered Gurudeva, Nityalila Pravishta Om Vishnupada Sri Srimad Bhakti Dayita Madhava Gosvami Maharaja, Founder/President of Sri Caitanya Gaudiya Math institution, established this Calcutta Math, and his objects of worship, Sri Sri Guru-Gauranga-Radha-Nayananatha Jiu, appeared here by dint of his devotion. He installed the Deities during the winter season. Thereafter, our Gurudeva introduced two … Continue reading Eve of Janmastami


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श्रेष्ठतम साधन

मनुष्य जीवन ही एक ऐसा अनमोल जीवन है जिसमें भगवद् भक्ति करने का सर्वोत्तम सुयोग हैI मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जिसे सद्-असद् का बोध है व जो सद् वस्तु भगवान की आराधना करके सब कुछ, यहाँ तक कि पूर्णतम्-वस्तु श्रीकृष्ण को भी प्राप्त कर सकता हैI श्रीमद् भागवत् में चित्त को ही जीव … Continue reading श्रेष्ठतम साधन


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भगवद्-दर्शन की योग्यता

सन् 1947 में श्रील गुरुदेव जी ने ग्वालपाड़ा एवं कामरूप ज़िले के भक्तों के आमन्त्रण पर जिन-जिन स्थानों पर शुभ पदार्पण किया उनमें बिजनी, भाटिपाड़ा, हाउली व बरपेटा इत्यादि स्थान उल्लेखनीय हैं। हाउली में जो धर्म सभा हुई थी उसमे हिन्दू व मुसलमान परिवार के एक हज़ार से अधिक नर-नारी उपस्थित थे। प्रवचन के बीच … Continue reading भगवद्-दर्शन की योग्यता


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श्रेष्ठतम साधन

श्रेष्ठतम साधन मनुष्य जीवन ही एक ऐसा अनमोल जीवन है जिसमें भगवद् भक्ति करने का सर्वोत्तम सुयोग हैI मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जिसे सद्-असद् का बोध है व जो सद् वस्तु भगवान की आराधना करके सब कुछ, यहाँ तक कि पूर्णतम्-वस्तु श्रीकृष्ण को भी प्राप्त कर सकता हैI श्रीमद् भागवत् में चित्त को … Continue reading श्रेष्ठतम साधन


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Gopi-prema is highest

Our revered spiritual masters used to narrate one topic as an illustration to understand the highest pre-eminence of the gopis. Once, Sri Krishna displayed the pastime of having a severe headache in His palace at Dwaraka. At that time Sri Narada Muni came to meet Krishna and was perplexed to hear about His headache. Narada … Continue reading Gopi-prema is highest


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Video Conference


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23 अगस्त शुक्रवार
श्रीश्रीकृष्ण-जन्माष्टमी व्रत- उपवास। श्रीश्रील प्रभुपाद- अनुकम्पित त्रिदण्डिस्वामी श्रीमद् भक्ति विकास हृषिकेश गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव।

24 अगस्त शनिवार
श्रीनन्दोत्सव। प्रातः 9.33 से पहले पारण। श्रीश्रील प्रभुपाद-अनुकम्पित त्रिदण्डिस्वामी श्रीमद् भक्ति वेदान्त स्वामी महाराज जी का आविर्भाव।

26 अगस्त सोमवार
अन्नदा एकादशी उपवास। (द्वादशी – सोमवार रात्रि 12.48 से मंगलवार रात्रि 11.05 तक; तुलसी चयन निषेध)।

27 अगस्त मंगलवार
प्रातः 6.22 से 9.33 के मध्य पारण।

30 अगस्त शुक्रवार
अमावस्या।

6 सितम्बर शुक्रवार
श्रीश्रीराधाष्टमी व्रत। (आविर्भाव दोपहर 12 बजे)।

10 सितम्बर मंगलवार
भगवान् श्रीवामनदेव जी का आविर्भाव। श्रीवामन-द्वादशी, श्रवणा द्वादशी व्रत-उपवास। सायंकाल के समय भगवान् श्रीहरि का करवट बदलना महोत्सव। श्रीश्रील जीव गोस्वामी प्रभु का आविर्भाव। (द्वादशी-मंगलवार प्रातः 2.04 से बुधवार प्रातः 3.16 तक; तुलसी चयन निषेध)।

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