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  • सर्वमहागुणगण वैष्णव शरीरे। कृष्ण भक्ते कृष्णर गुण सकल संचारे। सेई सब गुण हय वैष्णव-लक्षण। सब कहा न याय करि दिग्दर्शन।। कृपालु, अकृत-द्रोह, सत्य-सार, सम। निर्दोष, वदान्य, मृदु, शुचि, अकिंचन।। सर्वोपकारक शांत, कृष्णैकशरण। अकाम, निरीह, स्थिर, विजित-षड्गुण। मित्भुक, अप्रमत, मानद, अमानी। गम्भीर, करुण, मैत्र, कवि, दक्ष, मौनी। कृष्ण भक्त के ये तमाम गुण हमें श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी के शुद्धभक्तिमय जीवन में परिपूर्ण रूप से प्रस्फुटित देखने को मिलते हैं। कृपालु, दयानिधि गौरहरि जी ने बद्ध जीवों पर जैसे नौ प्रकार से कृपा वर्षण की हैं, उनके निजजन श्रील भक्ति विनोद ठाकुर महाशय को भी वैसी ही दया को वितरण करते देखा जाता है।
  • श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी

    अनंग-मंजरी यासीत् साद्य गोपाल भट्टक:। भट्ट गोस्वामिन: केचित आहु: श्रीगुण मंजरीम्॥                             (गौर गणोद्येश दीपिका)     श्रीकृष्ण लीला के समय जो अनंग मंजरी हैं (कुछ लोगों के मतानुसार जो गुण मंजरी हैं) वे ही गौर लीला की पुष्टि के लिये श्रील गोपाल भट्ट गोस्वामी के रूप में अवतरित हुई हैं। श्रील गोपाल भट्ट गोस्वामी सम्वत् … Continue reading श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी


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    श्रील सुन्दरानन्द ठाकुर

    श्रील सुन्दरानन्द ठाकुर श्री कृष्ण लीला में द्वादश गोपालों में से एक हैं।‘पुरा सुदाम- नामासीद् अद्य ठक्कुर:।’ –गौ. ग. 127 “प्रेमरस समुद्र सुन्दरानन्द नाम । नित्यानन्द स्वरूपेर पार्षद प्रधान ॥” इनका श्रीपाट यशोहर ज़िलेके अंतर्गत महेशपुर ग्राम में है जो कि माजदिया रेल्वे स्टेशन से 14 मील पूर्व की ओर अवस्थित है। पास में ही … Continue reading श्रील सुन्दरानन्द ठाकुर


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    श्री धनन्जय पण्डित

    ‘नित्यानन्द- प्रियभृत्य पण्डित धनन्जय । अत्यन्त विरक्त सदा कृष्ण प्रेममय ॥ चे च आ 11/31 श्रीमन्नित्यानन्द जी के प्रिय सेवक धनन्जय पण्डित अत्यन्त विरक्त स्वभाव के थे एवं सदा कृष्ण प्रेम में मस्त रहते थे। श्री नित्यानन्द प्रभु जी के प्रिय पार्षद श्री धनन्जय पण्डित श्री कृष्ण लीला में बलदेव जी के प्रिय व द्वादश … Continue reading श्री धनन्जय पण्डित


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    श्रीगौरीदास पण्डित

    सुबलो य: प्रिय श्रेष्ठ: स गौरीदास पण्डित: । (गौ.ग. 128) श्रीगौरीदास पण्डित द्वादश गोपालों के अन्तर्गत श्रीसुबल सखा थे। ये श्रीनित्यानन्द प्रभु जी के अन्यतम मुख्य पार्षदों में से एक थे – “गौरीदास पण्डित परम भाग्यवान । काय मनो वाक्ये नित्यानन्द याँर प्राण ॥” (चै.भा.आ. 5/730) पहले ये मुरागाछा स्टेशन के समीपवर्ती शालिग्राम नामक गाँव … Continue reading श्रीगौरीदास पण्डित


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    श्रील वंशीदास बाबा जी महाराज

    श्रील वंशीदास बाबा जी महाराज श्रील वंशीदास बाबाजी महाराज अवधूत परम हंस वैष्णव थे। पूर्वबंग (अभी बंगलादेश) में मैमन सिंह ज़िले में जामालपुर के पास मजिदपुर ग्राम में बाबाजी आविर्भूत हुये थे। इनके माता पिता जी के परिचय के विषय में कोई जानकारी नहीं है। साप्ताहिक ‘गौड़ीय’ पत्रिकाओं में प्रकाशित बाबा जी महाराज के अलौकिक … Continue reading श्रील वंशीदास बाबा जी महाराज


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    श्रील रघुनन्दन ठाकुर

    श्रील रघुनन्दन ठाकुर व्यूहस्तृतीय: प्रद्युम्न: प्रियनर्म सखो¿भवत् । चक्रे लीला सहायं यो राधा माधवयोर्व्रजे । श्रीचैतन्याद्वैत तनु: स एव रघुनन्दन: । (गौर. ग. 70) प्रद्युम जी तृतीय व्यूह के हैं। इन्होंने कृष्ण के प्रियनर्म सखा होकर व्रज में श्रीराधामाधव जी की लीला में सहायता की थी। वे प्रद्युम जी ही इस समय श्रीचैतन्य के अभिन्न … Continue reading श्रील रघुनन्दन ठाकुर


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    Srila Gopal Bhatta Goswami

    ananga-manjari yasit sadya gopala-bhattakah | bhatta-gosvaminam kecit ahuh sri-guna-manjari || She who was formerly Ananga Manjari has appeared to enrich Mahaprabhu’s pastimes as Srila Gopal Bhatta Goswami. Some say that Gopal Bhatta is actually Guna Manjari. (Gaura-ganoddesa-dipika 184) Srila Gopal Bhatta Goswami appeared in 1500 AD (though, according to some authorities, he was born in … Continue reading Srila Gopal Bhatta Goswami


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    Video Conference


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    त्रिविक्रम– 23, 8 - जून - बुधवार
    श्रील बलदेव विद्याभूषण जी का तिरोभाव।

    त्रिविक्रम– 24, 9 - जून - गुरुवार
    श्रीश्रीगंगा देवी का आविर्भाव। श्रीश्रीगंगापूजा। दशहरा। श्रीश्रीगंगा माता गोस्वामिनी जी का तिरोभाव।

    त्रिविक्रम– 25, 10 - जून - शुक्रवार
    पाण्डवा निर्जला एकादशी-उपवास। (द्वादशी- शुक्रवार रात्रि 01:31 से शनिवार रात्रि 11:57 तक; तुलसी चयन निषेध)।

    त्रिविक्रम– 29, 14 - जून - मंगलवार
    श्रीश्रीजगन्नाथदेव जी की स्नान यात्रा। पूर्णिमा। श्रील मुकुन्द दत्त (दाँइहाट) एवं श्रील श्रीधर पण्डित ठाकुर का तिरोभाव।

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